Saraswati Vandana

सरस्वती वंदना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।1
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।2
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।3
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।4

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं।5
वीणा-पुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌6
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌7
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ।8

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